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बचà¥â€à¤šà¥‡ को लंबा और मोटा करना है, तो हफà¥à¤¤à¥‡ में à¤à¤• बार जरूर आजमाà¤à¤‚ ये नà¥à¤¸à¥â€à¤–ा
बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के खाने में पोषक ततà¥â€à¤µà¥‹à¤‚ का होना बहà¥à¤¤ जरूरी है। उनके खाने में पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• चीजों को शामिल कर सेहत को दà¥à¤°à¥à¤¸à¥â€à¤¤ रखा जा सकता है।
बढ़ती उमà¥à¤° में बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को शारीरिक और मानसिक विकास के लिठपोषक ततà¥â€à¤µà¥‹à¤‚ की बहà¥à¤¤ जरूरत होती है। बढ़ते हà¥à¤ बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को घर पर ही हेलà¥â€à¤¦à¥€ और पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• चीजें बनाकर खिलानी चाहिà¤à¥¤ इससे उनके विकास में मदद मिलती है और शरीर à¤à¥€ हेलà¥â€à¤¦à¥€ रहता है।
खून की कमी से बचने के लिठआयरन जरूरी होता है और पेट संबंधी परेशानियों जैसे कि कबà¥â€à¤œ आदि से दूर रहने के लिठफाइबर चाहिठहोता है। ये दोनों जरूरी पोषक ततà¥â€à¤µ बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को पालक से मिल जाता है।
इसलिठयहां हम आपको बता रहे हैं पालक से बनी मलà¥â€à¤Ÿà¥€à¤—à¥à¤°à¥‡à¤¨ रोटी की रेसिपी और बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को इससे मिलने वाले फायदों के बारे में।
​किन चीजों की जरूरत है
बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के लिठफाइबर और आयरन से à¤à¤°à¤ªà¥‚र इस रोटी को बनाने के लिठआपको चाहिठदो चमà¥â€à¤®à¤š जà¥â€à¤µà¤¾à¤° का आटा, दो चमà¥â€à¤®à¤š बाजरे का आटा, 4 चमà¥â€à¤®à¤š बारीक कटा हà¥à¤† पालक, दो चमà¥â€à¤®à¤š घिसा हà¥à¤† पनीर, à¤à¤• चà¥à¤Ÿà¤•ी नमक और दो चमà¥â€à¤®à¤š तेल।
​पालक की रोटी बनाने का तरीका
मलà¥â€à¤Ÿà¥€à¤—à¥à¤°à¥‡à¤¨ पालक पनीर रोटी बनाने के सà¥â€à¤Ÿà¥‡à¤ªà¥â€à¤¸ हैं :
सबसे पहले à¤à¤• बरà¥à¤¤à¤¨ लें और उसमें जà¥â€à¤µà¤¾à¤° का आटा डालें।
इसमें बाजरे का आटा डालकर मिलाà¤à¤‚।
पालक को पानी से अचà¥â€à¤›à¥€ तरह से साफ कर के बारीक काट लें।
अब आटे में पालक को à¤à¥€ डाल दें और पनीर को घिस लें।
सà¤à¥€ चीजों को उंगलियों से मिकà¥â€à¤¸ करें।
अब परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ पानी डालकर मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® आटा तैया कर लें।
आटे को चार बराबर हिसà¥â€à¤¸à¥‹à¤‚ में बांटकर लोई बना लें।
अब इसे चकले पर बेलें और तवे पर धीमी आंच पर सेक लें।
​इन बातों का रखें धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨
आप इस रोटी में पनीर के साथ या इसके अलावा और कोई à¤à¥€ सबà¥â€à¤œà¥€ डाल सकती हैं।
जà¥â€à¤µà¤¾à¤° और बाजरे के आटे से रोटी में फाइबर की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ जाती है जिससे बचà¥â€à¤šà¥‡ का पेट साफ रहेगा और उसे कबà¥â€à¤œ नहीं होगी।
आप अलग-अलग तरह के आटे का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकती हैं जैसे कि नाचनी का आटा या ओटà¥à¤¸ का आटा।
​पालक की रोटी के गà¥à¤£
इस मलà¥â€à¤Ÿà¥€à¤—à¥à¤°à¥‡à¤¨ पालक पनीर रोटी में फाइबर के साथ-साथ आयरन और फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में है। इससे हीमोगà¥â€à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ का लेवल संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ रहता है।
​बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के लिठपालक के फायदे
पालक आसानी से पच जाता है और इससे बचà¥â€à¤šà¥‡ के विकास के लिठजरूरी पोषक ततà¥â€à¤µ मिलते हैं।
पालक à¤à¤‚टीऑकà¥â€à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ से यà¥à¤•à¥â€à¤¤ होता है जो बचà¥â€à¤šà¥‡ की मांसपेशियों के विकास के लिठअचà¥â€à¤›à¤¾ होता है।
पालक में विटामिन ठà¤à¥€ होता है जो बचà¥â€à¤šà¥‡ की आंखों को सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ रखता है और आंखों की रोशनी में à¤à¥€ सà¥à¤§à¤¾à¤° आता है।
पालक पोटैशियम से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है जो मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥â€à¤• को ठीक तरह से काम करने में मदद करता है और à¤à¤•ागà¥à¤°à¤¤à¤¾ को बढ़ाता है।
​पालक खाने के फायदे
पालक कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® से यà¥à¤•à¥â€à¤¤ होता है जो हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ रखता है। इसमें मौजूद फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ बचà¥â€à¤šà¥‡ के तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° के विकास में मदद करता है। पालक विटामिन सी होता है जो इमà¥â€à¤¯à¥‚निटी को बढ़ाता है। यह कई तरह के विटामिनों और खनिज पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से यà¥à¤•à¥â€à¤¤ होता है जिससे सà¥à¤•िन और बाल अचà¥â€à¤›à¥‡ रहते हैं।
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